विशेषज्ञों की सलाह / भाेपाल और प्रदेश के लाेगाें काे समझना हाेगा, क्याें हाेना चाहिए सेल्फ क्वारेंटाइन

राजधानी सहित प्रदेश के लाेगाें काे क्वारेंटाइन और आइसोलेशन के बारे में सही जानकारी नहीं है। सरकार और जिला प्रशासन बार-बार उन लाेगाें से क्वारेंटाइन (अलग रखना) हाेने की बात कर रहा है, जाे देश, राज्य और जिलाें से आए हैं जहां यह वायरस फैला हुआ है। व्यक्ति क्वारेंटाइन हाेने की जगह यह कहकर  पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें काेराेना वायरस का संक्रमण नहीं है, इसलिए उन्हें क्वारेंटाइन होने की जरूरत नहीं है। हमीदिया अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट विभाग के प्रमुख डाॅ. लाेकेंद्र दवे का कहना है कि जाे लाेग यात्रा करके अाए हैं उन्हें सेल्फ क्वारेंटाइन हाे जाना चाहिए। उन्हाेंने बताया कि इस दाैरान यदि किसी तरह के लक्षण उभरते हैं ताे तुरंत इलाज लेना चाहिए। इसमें छिपाने वाली काेई बात ही नहीं है। इलाज शुरू हाेने के बाद व्यक्ति ठीक हाे जाता है। लाेग अभी अपनी यात्रा काे छिपाने की काेशिश कर रहे हैं, इससे वह संक्रमण फैलाने के लिए कॅरियर का काम कर रहे हैं। 
 खुद काे करें यूं क्वारेंटाइन


{कहीं से यात्रा करके आए हैं, ताे अपने आप काे कमरे में 14 दिन के लिए बंद कर लें। कमरे से व्यक्ति न निकले। अपनी दिनचर्या काे बनाए, ताकि कमरे से निकलने की जरूरत ही न पड़े। {अपने खाने के बर्तन, कपड़े और बिस्तर काे अलग कर परिवार काे संक्रमण से बचा सकते हैं। 
सैनेटाइजर या साबुन से बार-बार हाथों को धोए।
14 दिन के दाैरान यदि व्यक्ति काे किसी तरह के सर्दी, खांसी अाैर बुखार के लक्षण नहीं उभरते ताे वह कमरे से बाहर निकलकर सामान्य दिनचर्या काे अपना सकता है।